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"मुक्ति दिलाये यीशु नामु" जनवरी 8, 2019

Jan 07, 2019

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"मुक्ति दिलाये यीशु नामु" जनवरी 8, 2018  
पुत्र तुम कभी भी मेरे नज़दीकी तथा निजी रिश्ते को अपना अधिकार मत समझो पर यह मेरी कृपा है कि मैंने तुम्हे चुना है। तुम मेरी संगति के उपहार का आनन्द लो तथा अनन्तकाल के लिए मेरे साथ रहने का सोच कर मेरे दरबार में प्रार्थना करते रहो। संसार में तुम्हारे बहुत नज़दीकी संबन्धी तथा दोस्त मित्र तुम्हारे से अलग हुए होंगे अथवा होते रहेंगे पर मैं तुम्हें कभी न छोड़ने वाला कभी न त्यागने वाला परमेश्वर हूँ। तुम्हारे कमज़ोर विश्वास की वजह से यदि तुम मेरे से दूर भी हो जाओ तो भी मैं तुम्हे ढूंढूंगा तथा वापिस ले आऊंगा क्योंकि मैं संसार में खोई हुई भेड़ को ढूंढने आया हूँ। पुत्र प्यार करना मेरा सुभाव है पर मेरा यह सुभाव मनुष्य की तरह नहीं बदलता क्योंकि मेरे रास्ते तथा मेरी सोच तुम्हारे से अलग है और ऊँची है।
पुत्र मेरे सिवाय तुम्हें कोई भी हृदय, मन, तथा आत्मा से नहीं जान सकता पर मैं तुम्हारे बारे में सभी कुछ जानता हूँ क्योंकि मैंने तुम्हें अपने हाथों से अपने ही स्वरूप में रचा है। पुत्र मैं तुम्हारे बारे में वह कुछ भी जानता हूँ जिसका तुम्हें ज्ञान नहीं यहां तक कि तुम्हारे सर के बाल भी मेरे गिने हुए हैं।
पुत्र संसार में बहुत सारे लोग किसी संबन्धी अथवा प्रेमी को ढूंढने में अपना सारा सामर्थ लुटा देते हैं पर मैंने तुम्हें ढूंढने के लिए तुम्हारी जगह स्लीव पर मरना भी स्वीकार कर लिया। पुत्र तुम्हारे साथ मेरा इतना गहरा संबन्ध है कि तुम्हारे मेरे में विश्वास का बीज तुम्हारे भीतर अंकुरित होता है तथा एक शक्तिशाली पेड़ की तरह हो जाता है। उसके बाद मेरी पवित्रता तुम्हारे लिए अनन्तकाल का जीवन ले कर तुम्हारे भीतर अपना घर बनाती है। पुत्र मैं तुम्हारा प्रेमी तुम्हारी आत्मा की उसके फलने फूलने के लिए पल पल रक्षा करता हूँ तांकि वह कहीं भटक न जाये और यह मेरा और तुम्हारा प्यार अनन्तकाल तक बना रहे। पुत्र यही है हम दोनों की प्रेम कहानी। 
मेरे प्रेमी का शब्द सुनाई पड़ रहा है।
देखो वह पहाड़ों पर कूदता और 
पहाड़ियों को फांदता हुआ आ रहा है। 
(श्रेष्ठ गीत 2:8)  
 वचन: भजन संहिता 55:8-9, उत्पति 2:7, लुका 12:7, यूहन्ना 1:12, रोमियो 10:13, 2 कुरनथियां 5:17, श्रेष्ठ गीत 2:8
www.punjabichristianfellowship.org

"मुक्ति दिलाये यीशु नामु" जनवरी 8, 2019  

पुत्र तुम कभी भी मेरे नज़दीकी तथा निजी रिश्ते को अपना अधिकार मत समझो पर यह मेरी कृपा है कि मैंने तुम्हे चुना है। तुम मेरी संगति के उपहार का आनन्द लो तथा अनन्तकाल के लिए मेरे साथ रहने का सोच कर मेरे दरबार में प्रार्थना करते रहो। संसार में तुम्हारे बहुत नज़दीकी संबन्धी तथा दोस्त मित्र तुम्हारे से अलग हुए होंगे अथवा होते रहेंगे पर मैं तुम्हें कभी न छोड़ने वाला कभी न त्यागने वाला परमेश्वर हूँ। तुम्हारे कमज़ोर विश्वास की वजह से यदि तुम मेरे से दूर भी हो जाओ तो भी मैं तुम्हे ढूंढूंगा तथा वापिस ले आऊंगा क्योंकि मैं संसार में खोई हुई भेड़ को ढूंढने आया हूँ। पुत्र प्यार करना मेरा सुभाव है पर मेरा यह सुभाव मनुष्य की तरह नहीं बदलता क्योंकि मेरे रास्ते तथा मेरी सोच तुम्हारे से अलग है और ऊँची है।


पुत्र मेरे सिवाय तुम्हें कोई भी हृदय, मन, तथा आत्मा से नहीं जान सकता पर मैं तुम्हारे बारे में सभी कुछ जानता हूँ क्योंकि मैंने तुम्हें अपने हाथों से अपने ही स्वरूप में रचा है। पुत्र मैं तुम्हारे बारे में वह कुछ भी जानता हूँ जिसका तुम्हें ज्ञान नहीं यहां तक कि तुम्हारे सर के बाल भी मेरे गिने हुए हैं।


पुत्र संसार में बहुत सारे लोग किसी संबन्धी अथवा प्रेमी को ढूंढने में अपना सारा सामर्थ लुटा देते हैं पर मैंने तुम्हें ढूंढने के लिए तुम्हारी जगह स्लीव पर मरना भी स्वीकार कर लिया। पुत्र तुम्हारे साथ मेरा इतना गहरा संबन्ध है कि तुम्हारे मेरे में विश्वास का बीज तुम्हारे भीतर अंकुरित होता है तथा एक शक्तिशाली पेड़ की तरह हो जाता है। उसके बाद मेरी पवित्रता तुम्हारे लिए अनन्तकाल का जीवन ले कर तुम्हारे भीतर अपना घर बनाती है। पुत्र मैं तुम्हारा प्रेमी तुम्हारी आत्मा की उसके फलने फूलने के लिए पल पल रक्षा करता हूँ तांकि वह कहीं भटक न जाये और यह मेरा और तुम्हारा प्यार अनन्तकाल तक बना रहे। पुत्र यही है हम दोनों की प्रेम कहानी। 


मेरे प्रेमी का शब्द सुनाई पड़ रहा है।

देखो वह पहाड़ों पर कूदता और 

पहाड़ियों को फांदता हुआ आ रहा है। 

(श्रेष्ठ गीत 2:8)  


 वचन: भजन संहिता 55:8-9, उत्पति 2:7, लुका 12:7, यूहन्ना 1:12, रोमियो 10:13, 2 कुरनथियां 5:17, श्रेष्ठ गीत 2:8


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